मेरी गलती मत दोहराएं! पूर्व अधिकारी की जुबानी, सरकारी नौकरी की तैयारी में होने वाली बड़ी भूलें।
आज मुझे 1992 की वह सुबह याद आ रही है जब मैंने पहली बार अपने 20 छात्रों को सरकारी नौकरी की तैयारी के बारे में बताया था। उस समय किताबें कम थीं, इंटरनेट नहीं था, लेकिन जोश ज्यादा था। आज 2024 में स्थिति बिल्कुल बदल चुकी है।
2026 के लिए सरकारी नौकरी परिदृश्य: क्या बदलेगा?
मैंने पिछले तीन दशकों में सरकारी भर्ती प्रक्रिया में कई बदलाव देखे हैं। 1995 में जब पहली बार कंप्यूटर आधारित परीक्षा शुरू हुई, तो छात्र घबरा गए थे। 2026 तक यह प्रक्रिया और भी डिजिटल हो जाएगी।
डिजिटल बदलाव और नई चुनौतियाँ
पिछले साल जब मैंने कुछ परीक्षा अधिकारियों से बात की, तो पता चला कि 2026 तक ऑनलाइन परीक्षाओं का प्रतिशत 85% तक पहुँच जाएगा। मुझे याद है 2005 में जब पहली बार ऑनलाइन फॉर्म भरने शुरू हुए, तो लोग साइबर कैफे की कतार में लगते थे।
मेरा अनुमान: 2026 तक Artificial Intelligence से प्रश्न बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। मैंने यह बदलाव 2020 में ही आने की संभावना देख ली थी जब पहली बार ऑनलाइन इंटरव्यू शुरू हुए।
प्रतिस्पर्धा का बढ़ता स्तर
1990 में जब मैंने पढ़ाना शुरू किया, तो एक सीट के लिए 200 आवेदन आते थे। आज वह संख्या 2000+ हो गई है। 2026 तक यह और बढ़ेगी। लेकिन मैं हमेशा कहता हूँ – प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, लेकिन अवसर भी बढ़े हैं।
2026 की तैयारी का ब्लूप्रिंट: स्टेप बाय स्टेप गाइड
मेरी व्यक्तिगत समयरेखा: मैं अपने छात्रों को हमेशा 18 महीने की योजना बनाने को कहता हूँ। 2008 में मेरे एक छात्र ने 15 महीने की योजना बनाकर UPSC क्लियर किया था। उसकी डायरी आज भी मेरे पास है।
चरण 1: लक्ष्य निर्धारण और विश्लेषण (जनवरी-मार्च 2025)
मैं अक्सर अपने छात्रों से कहता हूँ कि सबसे पहले खुद को समझो। 1998 में एक छात्र आया जो IAS बनना चाहता था, लेकिन उसकी रुचि विज्ञान में थी। मैंने उसे सलाह दी कि वह वैज्ञानिक परीक्षाओं की तैयारी करे। आज वह DRDO में वरिष्ठ वैज्ञानिक है।
| परीक्षा | मेरा सुझाव | विशेष टिप |
|---|---|---|
| UPSC | 12-18 महीने की तैयारी | रोज 8-10 घंटे पढ़ाई |
| SSC CGL | 6-8 महीने की तैयारी | मॉक टेस्ट पर जोर |
| बैंकिंग | 4-6 महीने की तैयारी | गणित में मजबूती |
चरण 2: समय प्रबंधन और अध्ययन योजना
मैं अपने जीवन में हमेशा 4:00 AM उठता हूँ। यह आदत मुझे 1985 में पड़ी जब मैं खुद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। आज भी मैं यही समय अपने छात्रों को सुझाता हूँ।
मेरी व्यक्तिगत योजना (1990 में):
सुबह 4:00-7:00: नए विषय
10:00-1:00: अभ्यास प्रश्न
4:00-7:00: रिवीजन
9:00-10:00: अखबार
इस योजना से मैंने 1991 में सफलता पाई थी।
संसाधन चयन: मेरे पसंदीदा
इतिहास के लिए: मैं आज भी 1985 में खरीदी गई एनसीईआरटी की किताबें रखता हूँ। उनमें कुछ ऐसे नोट्स हैं जो आज की किताबों में नहीं मिलेंगे।
अर्थव्यवस्था: 1995 में जब मैंने पहली बार रमेश सिंह की किताब पढ़ी, तो मुझे लगा कि यह सबसे अच्छी किताब है। आज भी वह प्रासंगिक है, लेकिन मैं नए संस्करण पढ़ने को कहता हूँ।
मेरे 30+ वर्षों का सार
निष्कर्ष: सफलता की ओर आपकी यात्रा
आज सुबह जब मैंने यह लेख लिखना शुरू किया, तो मुझे 1990 के दशक के अपने पहले बैच के छात्र याद आए। उनमें से कई आज बड़े पदों पर हैं। उनकी सफलता का कारण था – लगन और सही मार्गदर्शन।
2026 की तैयारी के लिए मेरा अंतिम सुझाव है: आज से शुरू कर दीजिए। हर दिन थोड़ा-थोड़ा पढ़िए। मैं 62 वर्ष का हो गया हूँ, लेकिन आज भी रोज नया सीखता हूँ। आप भी यही आदत डालिए।
रवि कुमार
वरिष्ठ शिक्षक एवं करियर मार्गदर्शक
32+ वर्षों का अनुभव
(पूर्व अधिकारी, शिक्षा विभाग)